कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir)वाराणसी

काशी भारत की प्राचीनतम और सांस्कृतिक नगरी ,ऐसे तो काशी में प्रत्येक देवता की पूजा होती है लेकिन यहाँ के नगरवासियों के प्रिय आराध्य देव भगवान् भोलेनाथ हैं ,लोगो में प्रचलित उक्ति के अनुसार यहाँ के कण कण में शंकर का वास है, कहने का आशय यह है की यहाँ शिव् मंदिरों की बाहुल्यता है|

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कहा है काशी में कर्दमेश्वर महादेव मंदिर (Kardmeshwar Mahadev Mandir)

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भगवान् शिव की पवित्र नगरी काशी भक्तो के लिए बहुत ही पवित्र और आस्था का केंद्र है।
वाराणसी के दछिणी छेत्र पर स्थित कंदवा पोखरे के किनारे कर्दमेश्वर महादेव जी का मंदिर स्थित है, यह मंदिर काशी के प्राचीन शिव मंदिरो में से एक है। कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) मंदिर का वर्णन काशी खंड और पंचक्रोशी महात्म में भी मिलता है ।कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) मंदिर में महाशिवरात्रि और सावन के महीने में भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान् के दर्शन के लिए आया करते है, कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) मंदिर के मुख्या द्वार पर भी बेहद प्राचीन और विशाल मूर्तियाँ स्थित है और मंदिर के गर्भ गृह में भगवान् शिव का शिवलिंग स्थापित है जो की मंदिर के निर्माण के समय ही स्थापित किया गया था।

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) पंचकोशी यात्रा का है पहला पड़ाव

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काशी के धार्मिक परंपराओं में यात्रा तथा यात्रा के दौरान काशी खंड में स्थित देवालयों में दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। इसी क्रम में काशी की पंचकोसी यात्रा है। इस यात्रा में पहले विश्राम के रूप में प्रसिद्ध है, कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir)। कहा जाता है कि कर्दम ऋषि के बनवाए गए कूप में जिसकी छाया दिख जाती है उसकी उम्र लंबी होती है।
काशी के अत्यंत धार्मिक पंचकोशी यात्रा का यह पहला पड़ाव है यहाँ श्रद्धालु अपने पंचकोशी यात्रा के दौरान एक दिन रुक कर विश्राम करते है

कब हुआ कर्दमेश्वर महादेव मंदिर (Kardmeshwar Mahadev Mandir) का निर्माण

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कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) गहड़वाल काल का 12हवी सदी में बनाया गया मंदिर है,इतिहासकारों के अनुसार चंदेल वंशीय राजाओं ने यहां मंदिर का निर्माण कराया था। यह उस काल का एक मात्र ऐसा मंदिर है जो आज तक अपनी पुरानी स्थित में सुरक्छित है। हलाकि वाराणसी का यह कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) आज के समय में पुरातत्व विभाग की देख रेख में है , इस मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया गया है।
कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) के पास ही एक अति सुन्दर कर्दमेश्वर तालाब भी स्थित है जिसका निर्माण १८रवी सदी में रानी भवानी ने करवाया था।

मुगल आक्रमण से पहले बना था कर्दमेश्वर महादेव मंदिर (Kardmeshwar Mahadev Mandir)

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कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) के निर्माण के सही समय का निर्णय कर पाना मुश्किल है। इतिहासकारों के अनुसार यह मंदिर मुगल आक्रमण के पहले का बना हुआ है। यह गहड़वाल वंश का एकमात्र अवशेष है। वर्तमान मंदिर की दीवारों को देखकर यह प्रतीत होता है कि यह मंदिर 12वीं शताब्दी के बाद बना है। मंदिर के शेषभाग अपने स्थापत्य विशेषता में मध्यकालीन स्थापत्य को दर्शाता है।

कैसे पड़ा कर्दमेश्वर महादेव मंदिर (Kardmeshwar Mahadev Mandir) का नाम

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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर कर्दम ऋषि का आश्रम था जिसके कारण इस मंदिर का नाम कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) पड़ा। इस मंदिर के पास बजरंगबली का भी एक मंदिर स्थित है शायद इसीलिए इस स्थान पर बंदरो की भी संख्या अधिक है।

भगवान राम ने किया था कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) के दर्शन

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मान्यता है कि रावण का वध करने के कारण प्रभु श्रीराम को लगे ब्रह्महत्या के दोष का निवारण कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) के दर्शन-पूजन व परिक्रमा से हुआ था। अयोध्या लौटने के बाद वे सपरिवार यहां आए थे और ब्रह्महत्या दोष का परिहार किया।

खजुराहों मंदिर से मिलती हैं कर्दमेश्वर महादेव मंदिर (Kardmeshwar Mahadev Mandir) की कलाकृतियां

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कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) की कलाकृतियां खजुराहों के मंदिरो से मिलती जुलती हैं, इस प्रकार की आकृतियां दुलादेव मंदिर खजुराहों व उदेश्वर मंदिर उदयपुर में देखने को मिलती हैं। इस मंदिर के बहार हिन्दू धर्म के तीनो संप्रदाय सैव, वैस्नव, और साक तीनो से सम्बद्ध देवताओ की मुर्तिया स्थापित है इस कारण यह मंदिर भग्तो के लिए और भी ज्यादा लोकप्रिय है,
कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) में बनाई गयी मूर्तियों में वामन, अर्धनारीस्वर, ब्रम्हा, विष्णु, शिव,अंधकासुर वध,माँ दुर्गा, बलराम और रेवती जैसे और कई अनेक देवताओ के चित्र भी है।

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कर्दमेश्वर महादेव मंदिर (Kardmeshwar Mahadev Mandir)कैसे पहुंचे

हवाई यात्रा के माध्यम से

Kardmeshwar Mahadev Mandir
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यदि आप कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) आना चाहते है तो लाल बहादुर शास्त्री अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा वाराणसी से आप किसी भी बस या ऑटो से इस मंदिर तक आ सकते है या आप चाहे तो प्राइवेट टैक्सी बुक करके भी आप इस मंदिर तक आ सकते है , लाल बहादुर शास्त्री अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा वाराणसी से इस मंदिर की दूरी लगभग 39 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है

रेलवे यात्रा के माध्यम से

Kardmeshwar Mahadev Mandir
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यदि आप रेल माध्यम से काशी यानि वाराणसी आ रहे है तो वाराणसी कैंट से कर्दमेश्वर महादेव मंदिर(Kardmeshwar Mahadev Mandir) की दूरी लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर पड़ेगी। रेलवे स्टेशन से आप किसी भी बस या ऑटो से इस मंदिर तक आ सकते है या आप चाहे तो प्राइवेट टैक्सी बुक करके भी आप इस मंदिर तक आ सकते है।

Preeti Gupta
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Hi, I am Preeti Gupta, Content Creator of the "Yatra with Preeti" YouTube Channel, And Passionate Content Writer related to Religious Niches like Temple's History, Importance of Puja & Path

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